सेवा
भक्तों, जरूरतमंदों और समाज की निःस्वार्थ सेवा।
॥ ॐ श्री साईनाथाय नमः ॥
श्री साईबाबा सेवा साधनाश्रम एवं विश्व के प्रथम श्री साई गणेश मंदिर के संस्थापक और संरक्षक
धूपखेड़ा · श्री साईबाबा प्रकट भूमि · छत्रपति संभाजीनगर
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छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठण क्षेत्र का शांत गाँव धूपखेड़ा भक्तों द्वारा श्री साईबाबा प्रकट भूमि के रूप में पूजा जाता है — वह पावन भूमि जहाँ माना जाता है कि साईबाबा ने शिरडी जाने से पहले अपने प्रारंभिक जीवन के लगभग नौ वर्ष बिताए।
जनवरी 2000 में स्वामी बलदेव भारती जी ने यहाँ श्री साईबाबा सेवा साधनाश्रम की स्थापना की और उसी के साथ विश्व के प्रथम श्री साई गणेश मंदिर की भी। दो दशकों से अधिक समय से यह आश्रम हर आगंतुक के लिए सेवा, साधना और निःस्वार्थ प्रेम का घर रहा है।
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आश्रम के पाँच उद्देश्य
भक्तों, जरूरतमंदों और समाज की निःस्वार्थ सेवा।
ध्यान, नाम-जप, सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचन।
हर आगंतुक और भक्त के लिए निःशुल्क प्रसाद और भोजन।
ग्रामवासियों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सहायता और स्वास्थ्य शिविर।
सभी धर्मों का समान आदर — जैसा बाबा ने सिखाया, सबका मालिक एक।
हमारा ट्रस्ट
श्री साईबाबा की श्रद्धा और सबुरी की शिक्षा पर आधारित ऐसा समाज — जहाँ कोई भूखा न रहे, किसी को उपचार से वंचित न होना पड़े, और हर धर्म के लोग सबका मालिक एक की भावना से एक परिवार की तरह रहें।
श्रद्धा और सबुरी
“श्रद्धा और सबुरी — विश्वास और धैर्य।”
— श्री साईबाबा
अन्नदान करें, स्वास्थ्य शिविरों में सहयोग दें या आश्रम के उत्सवों में स्वयंसेवा करें। हर दान पर आधिकारिक रसीद और 80G आयकर छूट प्रमाणपत्र दिया जाता है।