दृष्टि
श्री साईबाबा की श्रद्धा और सबुरी की शिक्षा पर आधारित ऐसा समाज — जहाँ कोई भूखा न रहे, किसी को उपचार से वंचित न होना पड़े, और हर धर्म के लोग सबका मालिक एक की भावना से एक परिवार की तरह रहें।
परम पूज्य
श्री साईबाबा और समस्त प्राणियों की सेवा को समर्पित जीवन।
स्वामी बलदेव भारती जी एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक और श्री साईबाबा के अनन्य भक्त हैं। वे धूपखेड़ा स्थित श्री साईबाबा सेवा साधनाश्रम तथा विश्व के प्रथम श्री साई गणेश मंदिर के संस्थापक और संरक्षक के रूप में जाने जाते हैं।
भक्तों द्वारा श्री साईबाबा प्रकट भूमि के रूप में पूजित धूपखेड़ा की ओर आकर्षित होकर स्वामीजी ने जनवरी 2000 में आश्रम और मंदिर परिसर की स्थापना की। तब से उन्होंने आश्रम को केवल पूजा-स्थल ही नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों की सेवा का जीवंत केंद्र बनाया है।
बाबा की सबका मालिक एक की शिक्षा का अनुसरण करते हुए स्वामीजी का कार्य पाँच उद्देश्यों पर आधारित है: सेवा, साधना, अन्नदान, आरोग्य और सर्वधर्म समभाव। सत्संग और प्रवचन के माध्यम से वे हर पृष्ठभूमि के भक्तों तक बाबा का श्रद्धा और सबुरी का संदेश पहुँचाते हैं।
हमारा ट्रस्ट
श्री साईबाबा की श्रद्धा और सबुरी की शिक्षा पर आधारित ऐसा समाज — जहाँ कोई भूखा न रहे, किसी को उपचार से वंचित न होना पड़े, और हर धर्म के लोग सबका मालिक एक की भावना से एक परिवार की तरह रहें।
महत्वपूर्ण पड़ाव
भक्तों की मान्यता है कि शिरडी जाने से पहले साईबाबा लगभग नौ वर्ष धूपखेड़ा में रहे, इसीलिए यह उनकी प्रकट भूमि है।
स्वामी बलदेव भारती जी ने श्री साईबाबा सेवा साधनाश्रम और विश्व के प्रथम श्री साई गणेश मंदिर की स्थापना की।
पैठण क्षेत्र के भक्तों और ग्रामवासियों के लिए अन्नदान, निःशुल्क चिकित्सा और आध्यात्मिक कार्यक्रम निरंतर जारी हैं।